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सोमवार, 16 अगस्त 2010

आदमी आदमी को क्या देगा

आदमी आदमी को क्या देगा
जो भी देगा वोही खुदा देगा

मेरा कातिल ही मेरा मुन्सिफ है
क्या मेरे हक में फैसला देगा

ज़िंदगी को करीब से देखो
इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा

हमसे पूछो दोस्ती का सिला
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा

इश्क का ज़हर पी लियाफाकिर
अब मसीहा भी क्या दवा देगा

1 टिप्पणी:

  1. आदमी आदमी को क्या देगा
    जो भी देगा खुदा देगा ...
    ज़िंदगी को करीब से देखो
    इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा
    बेहतरीन अभिव्यक्ति ...!

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